सुषमा स्वराज वो विदेश मंत्री थी जिनको विदेशियों का भी दर्द महसूस होता था

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सुषमा स्वराज Sushma Swaraj
sushma swaraj (Pic Credit-businesstoday.in)

भारत की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) (67) का मंगलवार रात निधन हो गया। उनको सीने में दर्द था जिसके बाद बाद एम्स में भर्ती किया गया था। सुषमा स्वराज के निधन पर प्रधानमंत्री ने गहरा शोक व्यक्त किया है। मोदी ने कहा कि सुषमा जी का निधन मेरे लिए निजी क्षति है।

ट्विटर पर क्रिया प्रतिक्रिया के लिए सुषमा स्वराज हमेशा चर्चा में रहती थी और उनके निधन के कुछ घंटे पहले सुषमा ने एक ट्वीट में कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी। उन्होंने लिखा था- जीवन में इसी दिन की प्रतीक्षा कर रही थी। सुषमा का पार्थिव शरीर एम्स से उनके घर ले जाया गया।

गौरवपूर्ण अध्याय का अंत-मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के निधन पर कहा- भारतीय राजनीति के एक गौरवपूर्ण अध्याय का अंत हो गया। गरीबों और समाज के लिए जीवन देने वाली अद्वितीय नेता के निधन पर पूरा भारत दुखी है। सुषमा स्वराज जी अपनी तरह की अकेली इंसान थीं। वे करोड़ों लोगों की प्रेरणा का स्रोत थीं।

1977 में सबसे युवा विधायक बनीं 

सुषमा ने सबसे पहला चुनाव 1977 में लड़ा। तब वे 25 साल की थीं। वे हरियाणा की अंबाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं। उन्हें हरियाणा की देवीलाल सरकार में मंत्री भी बनाया गया। इस तरह वे किसी राज्य की सबसे युवा मंत्री रहीं।

सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj)  का साल 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था. खबरों के अनुसार, आज दोपहर 3 बजे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. हम आपको सुनाते हैं वर्ष 1996 का विश्वासमत के दौरान सुषमा स्वराज के भाषण का एक हिस्सा, जिसमें वो धारा 370 का जिक्र करते हुए कहती हैं कि इसकी मांग करने के कारण बीजेपी को सांप्रदायिक कहा जाता है