World Mental Health Day 2022: महिलाओं को मानसिक सेहत पर भी देना चाहिए ध्यान, कई बीमारियों से होगा बचाव…

मानसिक सेहत तो भूल जाती है या इससे जुड़े लक्षणों पर ध्यान नहीं देती हैं. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day 2022) के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को अपनी मेंटल हेल्थ (Mental health) को लेकर भी जागरूक होने की जरूरत है.

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World Mental Health Day
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महिलाएं किसी मनोचिकित्सक के पास भी जा सकती है. डॉक्टर महिला की चिंता और डर के कारणों की पहचान करके समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं. टॉक थेरेपी और काउंसलिंग के माध्यम से इलाज आसानी से हो सकता है
World Mental Health Day 2022: महिलाओं को मानसिक सेहत पर भी देना चाहिए ध्यान, कई बीमारियों से होगा बचाव विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2022

TV9 की रिपोर्ट के अनुसार इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान रखना भूल जाती हैं. इस वजह से उनको कई बीमारियों का सामना करना पड़ता है. कई मामलों में महिलाएं अपनी शारीरिक सेहत का ध्यान तो रखती हैं, लेकिन मानसिक सेहत तो भूल जाती है या इससे जुड़े लक्षणों पर ध्यान नहीं देती हैं. विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस (World Mental Health Day 2022) के मौके पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं को अपनी मेंटल हेल्थ (Mental health) को लेकर भी जागरूक होने की जरूरत है. ऐसा न करने से वह कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकती हैं. अगर किसी महिलाओं को जीवन में मानसिक तनाव, डर, घबराहट और नींद कम आने की परेशानी है तो जरूरी है कि वे डॉक्टरों की सलाह लें.

पारस हॉस्पिटल की यूनिट हेड सीमा विग बताती हैं कि महिलाओं को अपने शारीरिक के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देनी चाहिए. मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य को अलग-अलग माना जाता है, लेकिन ऐसा नहीं है .महिलाओं के लिए दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत जरूरी है क्योंकि अगर मेंटल हेल्थ अच्छी नहीं रहेगी तो शारीरिक स्वास्थ्य भी खराब ही रहेगा. क्योंकि मेंटल स्ट्रेस कई बीमारियों की जड है. अगर महिलाएं शारीरिक रूप से स्वस्थ हैं, तो मेंटल हेल्थ से जुड़ी बीमारियां जैसे एग्जाइटी और डिप्रेशन से पीड़ित होने की संभावना कम रहती है.

ये परेशानियां हो सकती हैं these problems can be

खराब मानसिक स्वास्थ्य से पीड़ित महिलाएं लगातार उदास या निराशा की भावनाओं से ग्रसित हो सकती हैं. यह भावनाएं शराब या नशीली दवाओं के दुरुपयोग से भी शुरू हो सकता है. महिलाएं बहुत ज्यादा डर या चिंता और वजन या भूख में बदलाव से भी मानसिक बीमारियों से पीड़ित हो सकती हैं. खराब मानसिक स्वास्थ्य की वजह से साइकोसोमैटिक डिसऑर्डर हो सकता है. ऐसे में ब्लड प्रेशर में बदलाव, हृदय गति में असमानता या यहाँ तक कि थायराइड का लेवल भी बढ़ सकता है.

मनोरोग विशेषज्ञों की सलाह लें Seek advice from psychiatrists

मानसिक बीमारियों से पीड़ित महिलाएं तेजी से सांस ले सकती हैं और कमजोर या थका हुआ महसूस कर सकती हैं. हम सलाह देते हैं कि ऐसी महिलाओं को तुरंत किसी प्रोफेसनल डॉक्टर से मदद लेनी चाहिए. महिलाएं किसी मनोचिकित्सक के पास भी जा सकती है. सायकाट्रिक महिला की चिंता और डर के कारणों की पहचान करके समस्या को कम करने में मदद कर सकते हैं. मरीज की टॉक थेरेपी और साइकोलॉजिकल काउंसलिंग चिंता के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है.

पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए बहुत बहुत सुक्रिया हम आशा करते है कि आज के आर्टिकल World Mental Health Day से जरूर कुछ सीखने को मिला होगा, अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे शेयर करना ना भूले और ऐसे ही अपना प्यार और सपोर्ट बनाये रखे THEHALFWORLD वेबसाइट के साथ चलिए मिलते है नेक्स्ट आर्टिकल में तब तक के लिए अलविदा, धन्यवाद !