आर्थिक तंगी से परेशान तीन बहनों ने लगाया मौत (Suicide) को गले, विधवा माँ देख नहीं सकती…

आर्थिक तंगी (Financial scarcity) से परेशान तीन बहनों ने लगाया मौत को गले (Suicide), विधवा माँ देख नहीं सकती...

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आर्थिक तंगी से परेशान तीन बहनों ने लगाया मौत (Suicide) को गले, विधवा माँ देख नहीं सकती...

घटना जौनपुर के बदलापुर क्षेत्र के फत्तूपुर गांव की है, जहाँ तीन सगी बहनें आर्थिक तंगी (Financial scarcity) से परेशान होकर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान (Suicide) दे दी है। तीनों मृतका महराजगंज थाने के अहिरौली गांव की रहने वाली थीं। उनकी पहचान आरती (20), प्रीति (18) और काजल (15) के रुप में हुई है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे वो बिना किसी को कुछ बताए घर से निकली थीं। शवों के पास पड़े फ़ोन से उनकी पहचान हुई है।

दरअसल, रेलवे फाटक से कुछ दूरी पर ही हादसा (Suicide) हुआ, हादसे के बारे में ट्रेन ड्राइवर ने गेटमैन को बताया। ड्राइवर के अनुसार, तीनों रेलवे ट्रैक के किनारे बैठी थीं। अचानक ट्रेन के आगे आकर कूद गईं। गेटमैन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के आने से पहले ही गांव के लोग इकट्ठा हो गए। पुलिस लोगों से पूछताछ कर रही थी कि तभी लड़कियों के पास पड़ा फोन बज उठा।पुलिस ने रिसीव किया तो उधर से एक व्यक्ति ने उनके बारे में पूछा। तब जाकर लड़कियों के गांव का पता चल सका। परिवार और गांव के लोग गुरुवार देर शाम से लड़कियों की तलाश कर रहे थे। फोन करने पर जवाब भी नहीं मिल रहा था।

आर्थिक तंगी (Financial scarcity) ​के कारण उठाया यह कदम (Suicide) –
पुलिस का कहना है कि इनके पिता का नाम राजेंद्र और मां का नाम आशा देवी है। पिता का निधन हो चुका है। मां दोनों आंखों से देख नहीं सकती हैं। इनकी एक और बहन है। भाई का नाम गणेश है। इनका परिवार आर्थिक रुप से बहुत कमोजर है। गणेश किसी तरह से पूरे घर का खर्च चला रहा है।

एसपी सिटी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि बदलापुर क्षेत्र के फत्तूपुर गांव में रेलवे ट्रैक के किनारे शव मिले थे। पुलिस ने देर रात शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, गेटमैन लव कुमार पांडेय ने बताया कि रात में ट्रेन संख्या 3257 से हादसा हुआ था। ट्रेन ड्राइवर ने रोककर इसकी सूचना दी। इस संबंध में गेटमैन ने जौनपुर और बदलापुर पुलिस को सूचना दी थी।

विधवा पेंशन से नहीं चल पा रहा था घर खर्च –
इस तरह की घटना से लड़कियों के परिवार वालों को गहरा सदमा पहुंचा है। जिसकी वजह से वह अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। वहीं, अहिरौली गांव के लोगों का कहना है कि परिवार में कमाने वाला सिर्फ गणेश ही है। मां को विधवा पेंशन मिलती जरूर है, लेकिन उससे 4 बहन और एक भाई का परिवार कैसे चलाए। लड़कियों को यही चिंता सता रही होगी। इसलिए उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।