Acid attack के बढ़ते मामले चिंताजनक, जानकार लोगों ने ही क्यों किये औरतों पर तेजाब हमले…

NCRB के आंकड़े चौकाने वाले है. जिसके मुताबिक, हर साल एसिड अटैक (Acid Attack) के 100 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 से 2020 तक मुल्क में महिलाओं पर एसिड अटैक के 386 मामले दर्ज किए गए थे.

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Acid Attack
देश में महिलाओं पर हर साल Acid Attack के 100 से ज्यादा मामले...

देश में एसिड अटैक (Acid Attack) करना या कोशिश करना भी एक अपराध है. इसके बावजूद देश में महिलाओं पर तेजाब हमले की घटनाएं सुर्खियां बनी रहती हैं. तेजाब हमले को लेकर देश में सख्त सजा के भी प्रावधान हैं, फिर भी तेजाब हमले की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है. आज हम बात करेंगे देश में होने वाले एसिड अटैक (Acid Attack) के बारे में बताएँगे कुछ इस अपराध से जुडी कुछ कहानियाँ और नजर डालेंगे अपराध के मामलों में आंकड़े…

रांची. झारखंड की बेटी अंकिता की चिता की आग अभी सुलगी भी नहीं थी कि झारखंड के चतरा जिले से दूसरा एकतरफा प्यार में लड़की पर एसिड अटैक (Acid Attack) का मामला सामने आया है. 17 वर्षीय नाबालिग युवती काजल के साथ ये हादसा 5 अगस्त को हुआ जब वो सो रही थी. तभी घर की दीवार छलांग लगा कर संदीप नाम का एक मनचला युवक घर में घुस जाता है और मां बेटी दोनो पर तेजाब फेंक देता है. इस घटना के बाद आनन-फानन में पीड़िता को अस्पताल रिम्स में भर्ती किया जाता है.

NCRB के आंकड़े चौकाने वाले आंकड़े Shocking figures of NCRB

NCRB के आंकड़े चौकाने वाले है. जिसके मुताबिक, हर साल एसिड अटैक (Acid Attack) के 100 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो यानी NCRB की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2018 से 2020 तक मुल्क में महिलाओं पर एसिड अटैक के 386 मामले दर्ज किए गए थे. जिनमें कुल 62 आरोपियों को दोषी पाया गया.

ये जानकारी खुद देश के गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने संसद में दी. इन आंकड़ों को देखकर साफ पता चलता है कि लाख कोशिशों और दावों के बावजूद हर साल एसिड अटैक (Acid Attack) के करीब 100 से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. महिलाओं पर होने वाले एसिड अटैक (Acid Attack) के मामलों पर अगर सालाना नजर डालें तो 2018 में 131, 2019 में 150 और 2020 में 105 मामले दर्ज किए गए.

जिसमें 2018 में 28, 2019 में 16 और 2020 में कुल 18 लोगों को ऐसे मामलों में दोषी ठहराया गया. यानी साल 2018 से 2020 तक सामने आए 386 मामलों में केवल 62 लोग ही मुजरिम करार दिए गए. सबसे अहम बात ये है कि एसिड, Poisons की श्रेणी में आता है. बावजूद इसके केंद्र सरकार के पास एसिड बिक्री का डेटा ही मौजूद नहीं है.

एसिड अटैक में कितने साल की सजा होती है? What is the punishment for acid attack?

दोषी को कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद हो सकती है। यह भी प्रावधान है कि दोषी पर उचित जुर्माना होगा और यह रकम पीड़िता को दिया जाएगा। इस धारा का संबंध एसिड अटैक के प्रयास से है। इस कानून के मुताबिक किसी व्यक्ति ने अगर किसी दूसरे व्यक्ति पर तेजाब फेंकने (Acid Attack) का प्रयास किया है तो यह एक संगीन अपराध है।

एसिड अटैक पर कौन सी धारा लगती है? What is the section on acid attack?

धारा 326A में एसिड फेंकने (Acid Attack) पर सजा का प्रावधान है। न्यूनतम (मिनिमम) सजा 10 साल की कैद है, जिसे जुर्माने के साथ आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। धारा 326B में एसिड फेंकने के प्रयास के लिए सजा का प्रावधान है। न्यूनतम सजा 5 साल की कैद है, इसमें जुर्माने के साथ 7 साल तक की सजा हो सकती है।

2019 के डेटा के अनुसार As per 2019 data

एसिड अटैक (Acid Attack) के मामले में पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर है। उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर है। एनसीआरबी के 2019 के डेटा के अनुसार वर्ष 2019 में एसिड अटैक के 248 मामलों में से सबसे ज्यादा 50 मामले प. बंगाल में दर्ज हुए, जहां 53 लोग इसके शिकार हुए। 45 मामलों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा, यहां 47 लोग इसके शिकार हुए। ओडिशा में एसिड हमले के 13, बिहार और पंजाब में 12-12 और दिल्ली में एसिड हमलों के 11 मामले दर्ज किए गए।

केंद्र के पास नहीं है बिक्री का डेटा Center does not have sales data

आज तक की रिपोर्ट के अनुसार ज़हर अधिनियम 1919 के अनुसार, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश अपने ज़हर संबंधी नियमों के माध्यम से थोक और खुदरा बिक्री सहित एसिड और संक्षारक रसायनों के कब्जे और बिक्री को विनियमित करते हैं. गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि एसिड और संक्षारक रसायनों की बिक्री का डेटा केंद्रीय रूप से नहीं रखा जाता है.

इस वजह से होते हैं एसिड अटैक के ज्यादातर मामले Because of this, most cases of acid attack occur.

पितृसत्तात्मक और अराजक मानसिकता मानता है कि महिलाएं ही जिम्मेवार होती है जो पुरूष को इस हिंसक यौन और शारीरिक हमलों के लिए उकसाती है. पुरूष मानसिकता इस बात को स्वीकार नहीं कर पाता है कि कैसे एक महिला उसे अस्वीकार कर देगी, कैसे वह उसे रिजेक्ट कर देगी, कैसे वह पुरुष के साथ रिश्ते में रहने से इनकार कर देगी और किस तरह वह दहेज से संबंधित उत्पीड़न के बारे में रिपोर्ट कर देगी. कहने का अर्थ यह है कि ज्यादातर अहंकारी और कमजोर दिमाग वाले पुरुष इस तथ्य को स्वीकार नहीं कर पाते हैं कि कैसे एक महिला उसे इनकार कर सकती है. निस्संदेह पुरुषों द्वारा एसिड हमले कायरता और बदले की भावना से किया गया जघन्य अपराध है. ये पुरुष के अंदर असुरक्षा की गहरी भावना को रेखांकित करते हैं.

पुलिस का दावा है, “एसिड अटैक के लगभग सभी मामले हावी होने की तीव्र इच्छा और प्रतिशोध की वजह से होता है. इनमें से कोई भी मामला आवेगी नहीं था. सभी हमले की पहले योजना बना ली गई थी. एसिड हमले के अधिकांश मामले जुनून और सम्मान के अपराध हैं, जबकि कुछ वित्तीय विवाद और दहेज उत्पीड़न की वजह से किए जाते हैं.” हमें इस दलील को न तो प्रचार करना चाहिए और न ही हमारे बयानों में इस तरह के तर्क की गूंज होनी चाहिए. अपराध के ‘क्यों’ का जवाब तलाश कर हम अपराध की भयावहता, अत्याचार, भयंकरता और बुरे इरादों को कम कर आंकने लग जाते हैं. हमें सदैव याद रखना चाहिए कि एसिड अटैक एक जघन्य अपराध है.

तेजाब पीड़ितों की खौफनाक कहानियां Horror stories of acid victims

एक-तरफा प्यार – 7 मई 2022 One-sided love – 7th May 2022

बिहार, गोपालगंज के फुलवरिया थाना क्षेत्र के कररिया ठकुराई गांव में एक-तरफा प्यार में सनकी एक युवक ने आधी रात को छत के सहारे युवती के कमरे में घुसकर उस पर तेजाब फेंक दिया। युवती घर में सो रही थी तभी एक युवती पर तेजाब फेंककर उसे जख्मी कर दिया गया। तेजाब से युवती का चेहरा और आधा शरीर बुरी तरह से झुलस गया है। उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है।

पति द्वारा पत्नी पर तेजाब से हमला Acid attack on wife by husband

बिहार, बक्सर जिले के तिलक राय ओपी के भिक्षु डेरा गांव में पति द्वारा पत्नी पर तेजाब से हमला किया गया था। इससे पत्नी की स्थिति गंभीर हो गई थी। आरोपी पत्नी से हमेशा मारपीट किया करता था। इससे बचने के लिए महिला अपने मायके आ गई पर पति ने उसका यहां भी पीछा नहीं छोड़ा और एक रात उसके चेहरे पर तेजाब फेंक दिया।

पत्नी पर गुस्सा – 11 जनवरी 2022 Anger on wife – 11 January 2022

बिहार, सुपौल में पति ने पत्नी पर गुस्सा किया और दौड़कर बाथरूम गया। उधर से लौटा तो उसके हाथ में एसिड की बोतल थी। उसने सीधे एसिड की पूरी बोतल अपनी पत्नी के ऊपर उड़ेल दी। पत्नी जोर-जोर से चीखने लगी। पूरे कमरे में जलने की बदबू फैल गई। शोर सुनकर बचाने के लिए पड़ोस की एक महिला और उसका बेटा सामने आए। इस दौरान वो भी एसिड की चपेट में आ गए।

विरोध किया तो फेंक दिया तेजाब When protested, threw acid

हल्द्वानी इलाज के लिए पहुंचे मेरठ निवासी राजनीता 16 दिसंबर 2013 का दिन शायद ही कभी भूल पाएगी। स्कूल से परीक्षा देकर लौट रही राजनीता के साथ रास्ते में एक लड़के ने बदतमीजी की। जवाब में राजनीता ने बहादुरी का परिचय दिया और लड़के को थप्पड़ जड़ दिया। राजनीता को यह नहीं पता था कि कुछ ही देर में उसके साथ कुछ होने जा रहा है। थप्पड़ खाकर लौटा लड़का अपने दो दोस्तों के साथ दूसरे रास्ते से आया और राजनीता पर तेजाब फेंककर भाग गया। राजनीता अब भी इस दर्द को समेट संघर्ष कर रही है। वह 20 बार प्लास्टिक सर्जरी करा चुकी है। राजनीता ने बताया जनवरी 2017 में दो आरोपियों को न्यायालय ने जेल भेज दिया जबकि एक अब भी बाहर है।

शादी से इंकार करने पर डाला तेजाब – परवीन, 20 साल Acid poured on refusing to marry – Parveen, 20 years

फुफेरा भाई मुझसे शादी करना चाहता था, लेकिन उसकी उम्र ज्यादा होने की वजह से घर वालों ने मना कर दिया। वह धमकी देकर चला गया कि अगर उसके साथ शादी नहीं हुई तो किसी और से भी नहीं होने देगा। इसके बाद उसने एक दिन मुझ पर तेजाब डाल दिया। हमने उस पर मुकदमा दर्ज करवाया। वह जेल में है। मैं अपनी दोनों आंखें बंद नहीं कर पाती, बहुत तकलीफ होती है।

बात करने से किया मना तो किया तेजाब डाला – ज्योति शर्मा – धामपुर If you refused to talk, then you poured acid – Jyoti Sharma – Dhampur

आठ साल पहले मेरे साथ यह हादसा हुआ। सहेली के साथ ट्यूशन जा रही थी। एक लड़का सहेली से बात करना चाहता था उसने मना कर दिया, वह उस पर तेजाब डाल रहा था, जो मुझ पर भी गिर गया। उसकी हालत बहुत गंभीर थी। उसके चेहरे पर कुछ नहीं बचा। मेरे गले पर भी निशान पड़ गए

देवर ने चेहरे पर डाला तेजाब – संगीता देवी – प्रतापगढ़ Devar poured acid on the face – Sangeeta Devi – Pratapgarh

1998 में देवर ने घर के कलह के चलते मुझ पर तेजाब डाल दिया गया। हादसे में मैंने अपनी एक आंख खो दी। इसके बाद देवर डरकर घर से चला गया, दो दिन तक नहीं लौटा और तीसरे दिन ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई इसलिए एफआईआर नहीं की। हादसे के बाद से जिंदगी बहुत मुश्किल हो गई।

तेजाब का हमला होने पर सादे पानी से धोएं In case of acid attack wash with plain water

सेंट्रल हास्पिटल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रकाश कुमार ने बताया कि अगर किसी के ऊपर तेजाब का हमला होता है तो उस स्थान को साधारण पानी से धोना चाहिए। पानी से धुलाई इस तरह करनी चाहिए कि धुला हुआ पानी बहकर शरीर के दूसरे सामान्य हिस्से पर न गिरे। इसके बाद पीड़ित को सीधे बर्न सेंटर लेकर जाना चाहिए। प्राथमिक इलाज के बाद अगर पीड़ित की स्थिति ठीक है तो जांघ पर से खाल का एक पता हिस्सा निकालकर एसिड से हुए जख्मों को भर दिया जाता है।

कई बार गला, हाथ, नाक, कान, हाथ या कंधा एसिड अटैक के बाद चिपक जाता है। जल्द ग्राफ्टिंग करने में मरीज के बेहतर होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं। डॉ. कुमार ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी के माध्यम से पीड़ित को सामान्य जीवन देने का प्रयास किया जाता है। तेजाब हमले के कुछ मामलों में पीड़ित की कई बार प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ती है।

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पूरा आर्टिकल पढ़ने के लिए बहुत बहुत सुक्रिया हम आशा करते है कि आज के आर्टिकल Acid Attack से जरूर कुछ सीखने को मिला होगा, अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इसे शेयर करना ना भूले और ऐसे ही अपना प्यार और सपोर्ट बनाये रखे THEHALFWORLD वेबसाइट के साथ चलिए मिलते है नेक्स्ट आर्टिकल में तब तक के लिए अलविदा, धन्यवाद !