Kangana Ranaut की मुश्किलों का शिलशिला जारी, अब SGPC द्वारा की गई तुरंत गिरफ्तारी की मांग…

Kangana Ranaut की मुश्किलों का शिलशिला जारी, अब SGPC द्वारा की गई तुरंत गिरफ्तारी की मांग...

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Kangana Ranaut
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अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में रहने वालीं अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की मुश्किलें दिनों दिन बढ़ती ही जा रही हैं। जौनपुर में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज होने के बाद अब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने “सिख विरोधी टिप्पणी” के लिए कंगना रनौत की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। इससे पहले भाजपा के दिग्गज नेता लक्ष्मी कांता चावला ने कहा था कि अभिनेत्री ने “अपना मानसिक संतुलन खो दिया है”।

दरअशल, एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने मांग की कि अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, क्योंकि उसने सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की एक टीम कंगना रनौत के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के लिए मुंबई में है और एसजीपीसी उसके साथ पूरी तरह से खड़ी है।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि अभिनेत्री (Kangana Ranaut) जानबूझकर समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट कर रही है, जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उनका कहना है कि कंगना ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की निंदा की, सिखों को “आतंकवादी” कहा और 1984 में तत्कालीन प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की कार्रवाई की प्रशंसा की। एसजीपीसी अध्यक्ष ने कहा कि कंगना ने शायद देश की आजादी के लिए किए गए बलिदानों का सिख इतिहास नहीं पढ़ा।

रविवार को जारी एक बयान में चावला ने नरेंद्र मोदी सरकार से ‘पद्म श्री’ से सम्मानित करने से पहले किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति और बौद्धिक स्तर का पता लगाने के लिए कहा था। कंगना (Kangana Ranaut) के इस बयान की निंदा करते हुए कि भारत को 2014 में वास्तविक आजादी मिली थी और 1947 की आजादी भीख थी; भाजपा के दिग्गज नेता ने कहा कि अभिनेत्री भूल गई हैं कि स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष “अमृत महोत्सव” के रूप में प्रधानमंत्री पूरे देश के साथ जश्न मना रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश में राजभवन में रेड कार्पेट रिसेप्शन के बाद कंगना ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया था।