ऐसा क्या हुआ कि 2014 तक ग्रेजुएट स्मृति ईरानी (Smriti Irani), 2019 में इंटरमीडिएट ही रह गई ?

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Chowkidar
स्मृति ईरानी (Profile Pic)

लोकसभा चुनाव चल रहे है और नेताओं नामांकन भी भरे जा रहे है साथ ही नामांकन से उनकी पोल भी खुलती जा रही है यही सब केंद्रीय स्मृति ईरानी (Smriti Irani) के साथ हुआ.


बात यह है की उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Smriti Irani) कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खिलाफ लोकसभा चुनाव (Lok sabha Elections) लड़ रहीं है तथा गुरुवार को स्मृति ईरानी ने अपना नामांकन दाखिल किया. चुनाव आयोग (EC) को दिए गए हलफनामे में उन्होंने घोषित किया कि वे ‘Graduate’ नहीं हैं. इससे पहले उनके ग्रेजुएट होने का दावा होता रहा है. यह पहली बार है जब उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे (electoral affidavit) में साफ लिखा कि उन्होंने तीन साल की डिग्री कोर्स पूरा नहीं किया.

सूत्रों के अनुसार हलफनामे में उच्चतम शिक्षा के कॉलम में स्मृति ईरानी ने लिखा- दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (पत्राचार) से ‘बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट-1.’ इस कोर्स कोर्स का वर्ष उन्होंने 1994 लिखा है. उन्होंने कोष्टक में लिखा है कि ‘तीन साल की डिग्री कोर्स अपूर्ण.’ हलफनामे के अनुसार ईरानी ने 1991 में हाईस्कूल की परीक्षा पास की, 1993 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की.

यदि बात की जाये 2014 की तो इसमें अमेठी सीट से पहली बार चुनाव लड़ने के दौरान स्मृति ईरानी ने हलफनामे में लिखा था कि 1994 में उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (पत्राचार) से बैचलर ऑफ कॉमर्स पार्ट-1 किया. तब भी उनकी टक्कर राहुल गांधी से ही थी तथा उनको हार का सामना करना पड़ा था.

गौरतलब है की साल 2004 में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल के खिलाफ दिल्ली के चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के दौरान स्मृति ने एफिडेविट में लिखा था कि उन्होंने सन 1996 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ करस्पांडेंस से बैचलर ऑफ आर्ट किया. इस चुनाव में भी उनको हार का सामना करना पड़ा.

मौजूदा सरकार में स्मृति ईरानी मानव संसाधन मंत्री भी रह चुकी है तथा उस समय उनकी डिग्री पर काफी बवाल हुआ था. कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां स्मृति ईरानी पर अपनी शिक्षा को लेकर कई बार सवाल उठा चुकी है.