लॉकडाउन (lockdown) की वजह से सऊदी में फंस गई अकेली व प्रग्नेंट महिलाएं

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Madhuri in saudi

लॉकडाउन (lockdown) के दौरान एक भारतीय महिला अकेली सऊदी अरब में फंस गई है जो प्रग्नेंट भी है। उनके साथ न उनके पति हैं, न परिवार। ख़बरों की माने तो कंपनी ने दिसंबर तक का अनिवार्य अवकाश दे दिया है, तो अब सैलरी भी नहीं मिल रही। राशन खरीदने के लिए पैदल जा रही हैं। महिला का नाम माधुरी है और वह मप्र के सतना की रहने वाली है।

माधुरी अरब एयरलाइंस में क्रू मेम्बर हैं। फरवरी में वे छुटि्टयों पर भारत आईं थीं। यहीं उन्हें पता चला कि वे प्रेग्नेंट हैं। इसके बाद वे मैटरनिटी लीव (मातृत्व अवकाश) की प्रक्रिया पूरी करने 11 मार्च को दिल्ली से वापिस सऊदी गईं। वहाँ जाकर जनवरी 2021 तक की छुटि्टयों के लिए अप्लाई किया था।

जब माधुरी वहां पहुंची तब तक सऊदी अरब में कोरोनावायरस फैल चुका था। इसी कारण माधुरी की छुट्‌टी की प्रॉसेस को पूरा करने में कंपनी ने टाइम लगा दिया और 15 मार्च को उन्हें अप्रूवल मिल पाया, लेकिन तब तक भारत के लिए फ्लाइट बंद हो चुकीं थीं और सऊदी अरब में भी लॉकडाउन (lockdown) हो गया था। मुख्य बात यह है की वहां लोगों तक इसकी जानकारी यही पहुंची जिससे वह वहाँ अटक गयी। अब पति से वॉट्सऐप के जरिए संपर्क में रहती हैं।

माधुरी ने बताया कि, मैं प्रेग्नेंट हूं और प्रेग्नेंसी के 6 माह पूरे होने के बाद फ्लाइट में ट्रैवल भी नहीं कर सकूंगी। ट्रैवल तभी कर पाऊंगी जब कोई डॉक्टर मुझे अप्रूवल दे और ऐसी स्थिति में कोई डॉक्टर रिस्क नहीं लेना चाहते। 6 महीने पूरे होने में कुछ दिन ही रह गए हैं।

माधुरी के अनुसार, उनके साथ भारत की भावना नाम की एक अन्य महिला भी यहीं फंसी हैं, जो तीन माह की प्रेग्नेंट हैं। उन्हें कुछ दिन पहले दर्द हुआ था, तब ऑफिस के सहकर्मी डॉक्टर के पास लेकर गए थे। लेकिन कोरोना के चलते कोई जांच नहीं हो पाई। डॉक्टर ने सिर्फ इतना ही बताया कि बच्चे का मूवमेंट नहीं हो पा रहा है।

जैसे-तैसे वे एक अन्य डॉक्टर के पास पहुंची, उन्होंने ब्लड और यूरिन के सैंपल लिए हैं, जिसकी रिपोर्ट एक हफ्ते बाद आएगी। माधुरी ने बताया कि कई बार दूतावास में संपर्क कर चुके हैं लेकिन वहां से कहा गया है कि अभी हमें भारत की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली है। जब कोई सूचना आएगी तो सोशल मीडिया पर जानकारी डाल दी जाएगी।

माधुरी और भावना जैसे कई लोग कोरोना वायरस के कारण हुए लॉक डाउन की वजह से देश विदेश में फंसे हुए है और मुश्किल और भी ज्यादा जब हो जाती है जब अकेली महिलाएं ही होती है।