अब पाकिस्तान में महिला जिहाद के रास्ते पर चल कर बनी आतंकवादी, Suicide bomber…

अब पाकिस्तान में महिला जिहाद के रास्ते पर चल कर बनी आतंकवादी, Suicide bomber...

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Suicide bomber
Now a terrorist in Pakistan, following the path of women's jihad, became a suicide bomber...

पाकिस्तान के कराची यूनिवर्सिटी के भीतर मौजूद कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट 26 अप्रैल को आत्मघाती हमला हुआ. चीन के रहने वाले तीन नागरिकों समेत चार लोगों की इस हमले में मौत हो गई. अब आ रही खबरों के मुताबिक, इस घटना को अंजाम देने वाली महिला (Suicide bomber) दो बच्चों की मां थी और काफी पढ़ी लिखी हुई थी. घटना की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) नाम के आतंकी संगठन ने ली है.


Suicide bomber पर BLA ने कहा, –

“आज के मिशन को नियाजर अबाद तुर्बत निवासी मजीद ब्रिगेड की फिदायीन शारी बलोच उर्फ ​​ब्रम्श (Suicide bomber) ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया.”
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक वह एम.फिल भी कर रही थीं और एक साइंस टीचर (Suicide bomber) थीं. शारी बलोच ने दो साल पहले इस संगठन के मजीद ब्रिगेड की सदस्यता ली थी, जो फिदायीन हमलों के लिए जाना जाता है.
BLA ने दावा किया कि शारी को इस समूह से निकलने का मौका दिया गया था क्योंकि उनके दो बच्चे हैं, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया था. मजीद ब्रिगेड ने अब और

चीनी नागरिकों और बलूचिस्तान में चीन तथा पाकिस्तान के कार्यों को निशाना बनाने की धमकी दी है

संगठन ने यह भी कहा कि बतौर छात्र शारी बलोच छात्र संगठन की सदस्य थीं और बलोच नरसंहार तथा बलूचिस्तान पर कब्जे को लेकर वाकिफ थीं.

पिछले दो सालों में शारी ने मजीद ब्रिगेड के विभिन्न यूनिट्स में काम किया था. छह महीने पहले उन्होंने अपने इस फैसले की पुष्टि की थी वह आत्मघाती हमले को अंजाम देंगी.
कौन है हमलावर शारी बलोच?

शारी बलोच बलूचिस्तान के नियाज़र अबाद क्षेत्र की रहने वाली थीं. उन्होंने जन्तु विज्ञान में MSC किया था और एक डॉक्टर से शादी की थी.

क्या है बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA)?

यह बलूचिस्तान का एक विद्रोही समूह है और पाकिस्तान सरकार पर उनके क्षेत्र में अत्याचार का आरोप लगाता रहा है. इस संगठन ने बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने की भी मांग की है.

इस घटना पर बीएलए ने बयान जारी कर कहा,

‘बलोच लिबरेशन आर्मी के मजीद ब्रिगेड ने चीनी अधिकारियों को निशाना बनाया और मंगलवार (26 अप्रैल) को कराची में हमला किया. हमले में तीन चीनी अधिकारी हुआंग गुइपिंग, डिंग मुफांग और चेन साई मारे गए, जबकि वांग युकिंग और उनके सुरक्षा गार्ड घायल हो गए.’

चीन को निशाना बनाया!

बीएल प्रवक्ता जीयंद बलोच का कहना है कि ‘कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि यह चीन के आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक विस्तारवाद का प्रतीक है और धमाके के जरिये चीन को यह संदेश देना था कि बलूचिस्तान में उसके प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष मौजूदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’

संगठन ने कहा कि उन्होंने चीन को कई बार चेताया था कि वे बलूची संसाधनों को न लूटें और बलूच नरसंहार में पाकिस्तानी सेना की मदद न करें. लेकिन चीन अपने विस्तारवादी कार्यों को आगे बढ़ाता ही रहा.

उन्होंने कहा कि यदि चीन अपने कदम नहीं रोकता है तो आगे भी इस तरीके के फिदायीन एवं अन्य हमलों को अंजाम दिया जाएगा.

CCTV में रिकार्ड में रिकॉर्ड हुई घटना –

घटना के CCTV फुटेज में यह देखा जा सकता है कि कराची यूनिवर्सिटी के कन्फ्यूशियस इंस्टीट्यूट के बाहर बुर्का पहले एक महिला (Suicide bomber) टहल रही है. इसी बीच एक सफेद रंग की वैन महिला (Suicide bomber) के पास से गुजरती है. फिर महिला (Suicide bomber) कुछ हरकत करती है. जिसके बाद तेज घमाका होता है और चारों ओर आग, पत्थर के टुकड़े और धुआं नजर आता है. घटना में मारे गए लोगों में वैन का ड्राइवर भी शामिल है.