Suicide से पहले आयशा ने कहा ”प्यार करते हैं आरिफ से…वो आजाद रहे.” अब पति को 10 साल की सजा

Suicide से पहले आयशा ने कहा ''प्यार करते हैं आरिफ से...वो आजाद रहे.” अब पति को 10 साल की सजा

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Suicide से पहले आयेशा ने कहा ''प्यार करते हैं आरिफ से...वो आजाद रहे.” अब पति को 10 साल की सजा

गुजरात की एक अदालत ने आयशा बानू सुसाइड ( Suicide ) केस में पति आरिफ खान को 10 साल कैद की सजा सुनाई है. आपकी जानकारी के लिए बता दे कि पिछले साल 25 फरवरी को आयशा ने साबरमती नदी में कूदकर आत्महत्या ( Suicide ) की थी. आयशा बानू ने सुसाइड ( Suicide ) से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाकर अपने पति को भेजा था. वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ, घटना के बाद पुलिस ने आरिफ की तलाश की और उसे राजस्थान के पाली से गिरफ्तार किया गया था. उस समय आरिफ पर आयशा को आत्महत्या ( Suicide ) के लिए उकसाने का आरोप लगा था.

कोर्ट का फैंसला –

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद के सेशंस कोर्ट ने आयशा के वीडियो के आधार पर आरिफ को दोषी ठहराया. सुसाइड ( Suicide ) से पहले बनाए गए वीडियो को कोर्ट ने एक अहम सबूत माना. कोर्ट ने कहना है कि समाज में घरेलू हिंसा को देखते हुए आरोपी को माफ नहीं किया जा सकता है. इसके अलावा कोर्ट ने आरिफ की फोन पर बातचीत की जांच रिपोर्ट को भी सबूत के तौर पर माना.

क्या था पूरा मामला?

अहमदाबाद के वटवा की रहने वाली आयशा बानू मकरानी ने 25 फरवरी 2021 को आमहत्या कर ली थी, ऐसा करने से पहले आयशा ने अपना एक वीडियो रिकॉर्ड किया जिसमे उसने अपनी परेशानियों और उसके साथ किये जारहे दुर्व्यवहार के बारे में बताया और वीडियो को अपने पति के पास भेज कर आत्महत्या ( Suicide ) कर ली थी, घटना के समय आयशा की उम्र महज 23 साल थी. राजस्थान के जालौर में रहने वाले आरिफ से उनकी शादी जुलाई 2018 में हुई थी. आरिफ माइनिंग सेक्टर में काम करता था. आयशा की मौत के बाद परिवारवालों ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ही आरिफ और ससुराल के लोग उन्हें प्रताड़ित कर रहे थे. मारते-पीटते थे. इसके कारण वो काफी परेशान रहती थीं.

सुसाइड से पहले वीडियो में आयशा ने कहा…

“मेरा नाम है आयशा. मैं जो भी करने जा रही हूं ( Suicide ) अपनी मर्जी से करने जा रही हूं. इसमें किसी का दबाव नहीं है. अब बस क्या कहें…ये समझ लीजिए खुदा की जिंदगी इतनी ही होती है और मुझे इतनी ही जिंदगी बहुत सुकून वाली मिली. डियर डैड, कब तक लड़ेंगे अपनों से. केस वापस ले लो. आयशा लड़ाइयों के लिए नहीं बनी. प्यार करते हैं आरिफ से. उसे परेशान थोड़ी ना करेंगे. अगर उसे आजादी चाहिए तो ठीक है वो आजाद रहे.”

पिता ने दहेज प्रताड़ना का लगाया था आरोप

आयशा की मौत के बाद पिता ने आरिफ के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया था. शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न वजह से आयशा मार्च 2020 से ही वटवा में अपने पैरेन्ट्स के साथ रहने लगी थीं. पिता की शिकायत पर आरिफ और उसके घरवालों के खिलाफ दहेज के लिए उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और सुसाइड ( Suicide ) के लिए उकसाने का केस भी दर्ज किया गया था.

“5 दिसंबर 2018 को लड़ाई के कारण पहली बार आयशा मायके आ गई थी. मैंने उन दोनों के बीच सुलह करवाई और आयशा को जालौर भेज दिया था. लेकिन जुलाई 2019 में आरिफ ने दोबारा आयशा को अहमदाबाद भेज दिया था. इसके बाद 26 जनवरी 2020 को आरिफ ने मुझसे ढाई लाख रुपये दहेज के तौर पर लिए. फिर आयशा को अपने पास बुलाया. वो आयशा से फोन पर भी बात नहीं करता था. पैसे लेने के बाद भी ससुरालवाले उसे पीटते रहे. 10 मार्च 2020 को उसे वापस अहमदाबाद भेज दिया था. इन सबसे वो काफी परेशान हो गई थी.”

सुसाइड से पहले पति से की लम्बी बात

पुलिस ने जब जाँच में कॉल रिकॉर्ड निकले तो पता चला कि आयशा ने सुसाइड (Suicide) से पहले आरिफ से 72 मिनट तक बातचीत की थी. आरिफ ने आयशा से अपने पिता को उसके खिलाफ दर्ज केस वापस लेने को कहे. आरिफ ने उसके लिए वीडियो मैसेज रिकॉर्ड करने और फिर मरने को कह दिया. पुलिस ने बताया था कि आयशा ने उसी दौरान अपने पैरेन्ट्स से भी 5 मिनट बात की थी और उन्हें सुसाइड करने के बारे में बताया था. उसके पैरेन्ट्स ने उसे ऐसा कुछ भी करने से मना किया. लेकिन आयशा दुनिया से जाने का मन बना चुकी थीं. इसके बाद आयशा ने खुदखुशी कर ली.