बरखा दत्त को प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजने वाले गिरफ्तार, जानिए कौन है ये लोग…

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barkha dutt

पुलवामा हमले के बाद Barkha Dutt को गलियां देने वाले और उनको प्राइवेट पार्ट की फोटो भेजने वालों की आखिरकर गिरफ्तारी हो ही गई. हालाँकि यह गिरफ्तारी काफी पहले ही हो जानी चाहिए थी परन्तु देर आये दुरुस्त आये. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस ने इस मामले में जो धाराएं लगाई है – 354-D (पीछा करना), 506 (धमकी देना), 507 ( आपराधिक धमकी), 120-B (आपराधिक षडयंत्र). इसके अलावा आईटी एक्ट की धारा 67 और 67-A यानी सेक्सुअल कंटेंट भेजने का आरोप भी लगा.

पुलिस ने इस मामले में मुख्य रूप से 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. 3 को दिल्ली से गिरफ्तार किया है, 1 को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार किया है. दो अपना प्राइवेट काम करने वाले आदमी हैं. और एक आरोपी कसाई की दुकान चलाता है. तीन लोगों पर धमकी भरे मेसेज और गालियां भेजने का आरोप है जिनके नाम राजीव शर्मा, हेमराज कुमार और आदित्य कुमार हैं. इन तीनों को अभी बरी कर दिया गया है. लेकिन चौथा आदमी कसाई की दुकान चलाने वाले गुरफान पिंजारी है जो अभी 14 दिन की हिरासत में रखा गया है. गुरफान पर ही बरखा को अश्लील तस्वीर भेजने का आरोप है.
आरोपियों के अनुसार उन्हें Barkha Dutt का नंबर सोशल मीडिया से मिला था. तथा किसी एस्कॉर्ट सर्विस वेबसाइट पर बरखा का नंबर डाला गया था. अब पुलिस को उस शख्स की तलाश है जिसने ऐसा किया था.

पुलिस के द्वारा की गई इस कार्रवाई के बावजूद जिस तरह की बहस सोशल मीडिया पर चल रही है, वह बेहद शर्मनाक और दुर्भाग्‍यपूर्ण है. जिस तरह देशभक्ति के नाम पर एक महिला के साथ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक व्‍यवहार करने वाले अपराधियों को भी अब धार्मिकता से जोड़कर देखा जा रहा है.

ट्रोलर्स को फिर बरखा पर ट्रोल करने का मौका मिल गया है. इस मामले पर एक बार फिर बरखा दत्त को ही गलत बताया जा रहा है. लोगों का कहना है कि उन्होंने अपराधी को एक हिंदू राष्ट्रवादी समझा था. हालांकि बरखा दत्त ने इस बात को पूरी तरह से साफ किया कि उन्होंने अपराधी को न तो राष्ट्रवादी कहा था और न ही उसके धर्म पर बात की थी. उन्होंने बस इतना कहा था कि वो व्यक्ति अपनी डीपी की वजह से खुद को राष्ट्रवादी दर्शा रहा था.

सोशल मीडिया और समाज
सोशल मीडिया हमारे समाज में अहम जगह बना चुका है परन्तु जिस तरह से उसका दुरुपयोग हो रहा है और उसके माध्यम से अपराध को बढ़ावा मिल रहा है उसको रोकने में सरकार और पुलिस नाकाम हो रही है. इन सबका दुरूपयोग सबसे ज्यादा महिलाओं के खिलाफ देखा जा रहा है.