महिलाओं को निर्वस्त्र और मारपीट करने वाले डकैत जगन गुर्जर को आखिर किसकी सह ?

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जगन गुर्जर Jagan Gurjar

धौलपुर. राजस्थान के धौलपुर में महिलाओं से मारपीट और निर्वस्त्र कर करनपुर-सायका पुरा गांव में घूमने वाला कुख्यात डकैत जगन गुर्जर (Jagan Gurjar) की तलाश जारी है परन्तु उसका सुराग नहीं लग पाया है। चम्बल के बीहड़ों में पुलिस और डकैतों के बीच फायरिंग होने की भी खबर आयी है।
हालाँकि सवाल यह है की महिलाओं के साथ जो दुर्व्यवहार करने वाला डकैत जगन गुर्जर (Jagan Gurjar) ने तीन बार आत्मसमर्पण किया है परन्तु उसके बार-बार वह अपराध की दुनिया में आ जाता है और वह आतंक का पर्याय बन चुका है परन्तु सवाल यह है कि इस तरह के अपराधियों को सह कौन देता है जो बार बार इस तरह की घटनाओं को अंजाम देते है।

हालाँकि पुलिस की नींद खुली तो कार्यवाही शुरू की तथा शुक्रवार शाम चंबल के बीहड़ाें को घेर लिया गया परन्तु जगन का कोई पता नहीं लग पाया। इस दाैरान डांग क्षेत्र के ही मंगलपुरा गांव के निचले क्षेत्र के जंगल में पुलिस की मुठभेड़ इनामी डकैत रामविलास और भरत गुर्जर से हो गई। डकैताें और पुलिस के बीच देर रात तक रुक-रुककर फायरिंग जारी थी। इस दाैरान डकैताें ने पुलिस पर हथगाेले भी फेंके। इस बीच, भरतपुर रेंज के आईजी भूपेन्द्र साहू ने आरएसी की एक कंपनी मांगी है।

राज्य मानवाधिकार आयोग और रिपोर्ट
राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया व सदस्य जस्टिस महेश चन्द्र शर्मा की खंडपीठ ने महिलाओं से मारपीट करने और उन्हें निर्वस्त्र घुमाने के संबंध में अखबारों में छपी खबरों पर शुक्रवार को प्रसंज्ञान लिया। इस मामले में खंडपीठ ने धौलपुर एसपी से 16 जुलाई तक तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने काे कहा है।

दस्यु इतना बेखौफ क्यों?
अब बात यह उठती है की आतंक का पर्याय बन चुका जगन गुर्जर (Jagan Gurjar) आखिर इतना बेखौफ क्यों है जो कई क्षेत्रों में उसका इतना खौफ चलता है जिसके कारण वह इस तरह से अत्याचार कर रहा है और आखिर महिलाओं पर जोर आजमाइश कर अपनी कायरता को भुनाने की खोशिश क्यों आकर रहा है।
इससे पहले जगन ने पुलिस व राजनितिक लोगों के सामने आत्मसमर्पण किया था और उसे बार बार छोड़ भी दिया जाता है तो फिर सवाल यह है की वो कड़ी सजा से कैसे बच रहा है।