‘शादी के लिए गवर्नमेंट जॉब लड़की चाहिए’, पोस्टर लेकर दुल्हन खोज रहे लड़के ने मजाकिया अंदाज़ में ही समाज को एक मैसेज देने की कोशिश की है…

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'शादी के लिए गवर्नमेंट जॉब लड़की चाहिए',
'शादी के लिए गवर्नमेंट जॉब लड़की चाहिए', पोस्टर लेकर दुल्हन खोज रहे लड़के ने मजाकिया अंदाज़ में ही समाज को एक मैसेज देने की कोशिश की है…

लोग कर रहे मैसज की तारीफ

आज के जमाने में शादी के लिए लड़की खोजना सिविल सर्विस का एग्जाम पास करने से भी कठिन हो गया है. शादी की खातिर लड़की ढूंढने के लिए लड़के कई तरह के तरीके अपनाते हैं. कोई रिश्तेदारों का सहारा लेता है, कोई सोशल मीडिया का तो कोई डेटिंग ऐप्स का. अब एक लड़के ने लड़की खोजने का ऐसा तरीका निकाला है कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल (Social Media Viral Videos) हो गया है. ये लड़का अपनी शादी के लिए लड़की खोज रहा है और इसके लिए वो मार्केट में सड़क पर खड़ा है. उसके हाथ में एक पोस्टर है. पोस्टर पर भी एक मजेदार बात लिखी है.

thelallantop की रिपोर्ट के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि लड़के ने जो पोस्टर पकड़ा हुआ है. उस पर लिखा है कि शादी के लिए सरकारी नौकरी वाली लड़की चाहिए, दहेज मैं दूंगा.’ इस लड़के का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी देखा जा रहा है और लोगों को इस पर हंसी आ रही है. कुछ लोगों को इसे देख हंसी आई लेकिन लड़के ने मजाकिया अंदाज़ में ही समाज को एक मैसेज देने की कोशिश की है. वीडियो मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा का बताया जा रहा है. पहले आप भी ये वायरल वीडियो देखिए…

दरअसल समाज में ऐसी सोच चल रही है कि लड़की की शादी सरकारी नौकरी वाले से ही करनी चाहिए. इसी वजह से लड़की के मां-बाप बेटी की शादी के लिए लड़का चुनते वक्त सरकारी नौकरी वाले को प्राथमिकता देते हैं. भले ही बाकी लड़के लाखों के पैकेज पर मल्टी नेशनल कंपनी में काम कर रहे हों लेकिन वे फोर्थ ग्रेड की सरकारी नौकरी करने वाले को अधिक प्राथमिकता देते हैं. इसी पर तंज कसते हुए लड़के ने ये कदम उठाया.

लड़के का ये वीडियो काफी देखा जा रहा है और लोग इस पर अलग-अलग कॉमेंट्स कर रहे हैं. कह रहे हैं कि लड़के ने भले ही मजाकिया अंदाज में ये बात कही हो लेकिन बात एकदम सच है.’ एक ने लिखा कि यही आज के जमाने की सच्चाई है.

वह भी बिल्कुल गलत है

एक सोशल मीडिया यूजर (Gaurav-Khandelwal-127) ने qura पर दहेज़ प्रथा पर लिखा है कि –

जो लोग तन्ख्वाह देख कर लड़के को चुन रहे है, वो ही अगर दहेज पर ज्ञान दे , वो शोभा नही देता ।
10 लोग लड़के को देखने आते है और सीधे उसकी बचत, तनख्वाह, कार्य सुरक्षा के बारे में सबके सामने पूछकर उस लड़के का आंकलन करते है ।
और जब वही लड़का , पूछे कि लड़की को खाना बनाना, परिवार में सामंजस्य बनाना, या अन्य बातें पूछे तो वह रूढ़िवादिता लगती है ।
वास्तव में रूढ़िवादिता यह नहीं है, रूढ़िवादिता तो यह है कि मूर्खतापूर्ण तरीके से लड़के के स्वाभिमान को ठेस पहुचा कर उसके पगार से उसका आंकलन करते हैं और ठीक उसी प्रकार से खुद की बेटी का आंकलन किया जाता है तो ज्ञान दर्शन देने लगते हैं।

यह वास्तव में एक छद्म नारीवाद है और कुछ नहीं

हमारी बेटी को तो मैग्गी भी बनाना नही आता – तो उसको क्या पूजने के लिए ले जा रहे है जो घर मे मेहमान बनकर सिर्फ रोटियां खाएगी ।
लड़का लायक है तो दहेज क्यो लेना – क्यो, लड़की नालायक है क्या जो लड़के से अच्छी नौकरी, तनख्वाह की आशा करते हो?
लड़की का बाप तो बेचारा दहेज की चिंता से मरा जा रहा है – कभी लड़के के माता पिता की तरफ भी देख लेना चाहिए, बेचारे इस चिंता में नींदें उड़ी रहती है कि जब तक लड़का काम, धंधा, नौकरी नही लगेगा तो कोन शादी करेगा । उनके मन की व्यथा कौन कहे ।
घर बैठी लड़की से तो लड़का शादी कर लेता है, लेकिन क्या कोई घर बैठे लड़के से कोई कामकाजी महिला शादी करेगी ?

जीवन मे जैसी भी परिस्थिति हो, पति-पत्नी मिल कर संभाले। पति की तनख्वाह से गुजर बसर न हो तो पत्नी कुछ काम करके सहायता करे । ठीक वैसे ही लड़की/पत्नी जैसी भी हो दहेज क्यों लेना ।

तो इस प्रकार दहेज लेना और तनख्वाह जाँचना , दोनों ही बंद हो जाये ।

जब तक लड़के का मूल्यांकन सरकारी नौकरी/तनख्वाह देख कर होता रहेगा, तब तक दहेज भी लिया जाता रहेगा ।

परिस्थिति तो दोनों तरफ से देखी और बदली जानी चाहिए। एक पाक्षिक ज्ञान शोभा नही देता ।