लोक सभा चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला, प्रियंका गांधी को बनाया यूपी महासचिव

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोक सभा चुनावों से पहले बहन प्रियंका गांधी वाड्रा को पार्टी महासचिव नियुक्त किया है। उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौपा गया है। प्रियंका(47) 1999 से हर लोकसभा चुनाव में प्रचार करती पाई जाती हैं। वे अपने भाई राहुल के लिए अमेठी में और मां सोनिया गांधी के लिए रायबरेली में रैलियां करती हैं। लेकिन यह पहली बार हुआ हैं कि उन्हें पार्टी में कोई पद दिया गया है। पिछले कई सालों से प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाने की कांग्रेस के नेता मांग करते रहे हैं।

फरवरी के पहले सप्‍ताह से प्रियंका गांधी अपना कार्यभार संभालेंगी। पार्टी ने ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया को एआईसीसी का महासचिव नियुक्त किया है। उन्‍हें पश्चिमी यूपी की जिम्‍मेदारी दी गई है। इससे पहले मध्‍य प्रदेश में उन्‍हें डेप्‍युटी सीएम बनाए जाने का प्रयास था। वहीं इसके अलावा गुलाम नबी आजाद को हरियाणा का प्रभारी बनाया है। के. सी. वेणुगोपाल कांग्रेस संगठन के प्रभारी होंगे।

अचानक से प्रियंका गांधी का सक्रिय राजनीति में प्रवेश करना और उन्‍हें पूर्वी उत्‍तर प्रदेश की कमान दिया जाना कांग्रेस का मास्‍टर स्‍ट्रोक माना जा रहा है। इस क्षेत्र की कई सीटों पर कांग्रेस का अच्‍छा प्रभाव है।
फूलपुर से पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू सांसद रहे थे। इलाहाबाद, प्रतापगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर सहित कई जिलों पर कांग्रेस का अच्‍छा प्रभाव है।
माना जा रहा है कि प्रियंका का राजनीति में आने से इस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में नया जोश आएगा। प्रियंका ने ऐसे समय में राजनीति में प्रवेश किया है जब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने कांग्रेस को महागठबंधन में जगह नहीं दी है। कांग्रेस पहले से कहती आ रही है कि वह इस बार आम चुनाव में करिश्माई प्रदर्शन करेगी और यह फैसला उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। सियासी विश्लेषकों के अनुसार, वेस्ट यूपी में कांग्रेस बहुत कमजोर है। ऐसे में प्रियंका गांधी के कंधो पर बड़ी जिम्मेदारी है।