रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दिया कॉन्ट्रैक्ट का ब्यौरा – बयान के दुष्प्रचार आरोप

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भारत की रक्षा मंत्री
भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण

भारत की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)के बयान पर उठे विवाद को लेकर सोमवार को लोकसभा (Loksabha) में स्थिति साफ की. रक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि 4 जनवरी को मेरे द्वारा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड पर दिए गए एक मेरे एक बयान पर संशय उठाया जा रहा है तो मैं साफ करना चाहती हूं कि साल 2014 से अब तक रक्षा मंत्रालय और एचएएल के बीच 26,570 करोड़ रुपए के ऑर्डर साइन हो चुके है. इसके अलावा 73 हजार करोड़ रुपए के आर्डर पाइपलाइन में हैं. इसमें 50 हजार करोड़ के 83 तेजस लड़ाकू विमान, 15 हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर, 20 हजार करोड के 200 कमोव हेलीकॉप्टर, 19 डोर्नियर विमान व एरो इंजन के आर्डर शामिल हैं. साथ ही रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसको लेकर गलत तरीके से सवाल उठाए जा रहे है और दुष्प्रचार किया जा रहा है.

कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा था कि एचएएल का कहना है कि उसे ‘एक पैसा भी नहीं मिला.’ इसके बाद एचएएल की सफाई भी आई थी. एचएएल ने रविवार को कहा था कि 83 हल्के लड़ाकू विमानों और 15 हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के ऑर्डर अभी अंतिम चरण में हैं. साथ ही कहा कि उसकी वित्तीय स्थिति में सुधार की संभावनाएं हैं. एचएएल ने यह भी कहा कि उसने अपनी मौजूदा जरूरतें पूरी करने के लिए 962 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट (बैंक से धनराशि लेना) लिया था.

गौरतलब है कि, रक्षामंत्री के दिए गए बयान पर कांग्रेस (Congress) ने मोदी सरकार पर निशाना साधा था. रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi)ने रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को एक लाख करोड़ रुपये की खरीद का आदेश देने को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया था.

विपक्ष बार-बार मोदी सरकार पर हमला कर रही है और राफेल में घोटाला होने कि बात कर रही है जबकि मोदी सरकार के मंत्री अपने बचाव में पूरा जोर लगा रहे है.