नम आँखों से वीरांगना का सवाल-कश्मीर में जवान ही शहीद क्यों होते है, मंत्री और अधिकारी क्यों नहीं ?

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CRPF
  • मेरे बेटे मुकेश को भी में सेना में भेजूगी-वीरांगना

आज शहीदों की वीरांगनाओं और उनके परिवार के साथ पूरा देश खड़ा है। हमारी सुरक्षा के लिए दिन रात खड़े रहने वाले CRPF के जवानों की सहादत पर हमें गर्व है। इसी के साथ एक जवान की पत्नी का कहना है की बड़े अधिकारी और मंत्री क्यों नहीं खाते साइन पर गोली।

कश्मीर के पुलवामा में हुए फिदायीन हमले में राजसमंद के कुंवारिया में रहने वाले सैनिक नारायण लाल गुर्जर भी शहीद हो गए। जैसे ही उनके शहादत की खबर आई पूरे गांव में शोक छा गया। रोती बिलखती शहीद की पत्नी मोहनी देवी ने कहा कि मेरे बेटे मुकेश को भी में सेना में भेजूगी। ताकि वह अपने पिता का बदला आतंकियों से ले सके। और यह कहते कहते वो बार-बार बेहोश हो जाती।

शहीद जवान तीन दिन पहले ही गांव में 15 दिन की छुट्‌टी बिताकर लौटे थे। शहीद के दो बच्चे हैं। लड़के का नाम मुकेश और लड़की हेमलता है। शहीद का बेटा कहता है कि मोदी जी पाकिस्तान के आतंकवादियों ने भारत के सपूतों पर आत्मघाती हमला किया है। आप उनको जवाब दे। आखिर कब तक भारत देश के जवान शहीद होंगे।

इसके अलावा आतंकी हमले में शहीद हुए CRPF की बस के ड्राइवर जैमल सिंह (45) की पत्नी सुरजीत कौर ने कहा, उसे केंद्र सरकार से न आर्थिक सहायता चाहिए न उसके पति की मौत का बदला। बस, केंद्र सरकार उसे उसका पति और अन्य परिवारों को उनके जवान लौटा दे। हमें और कुछ नहीं चाहिए।

कौर ने नम आंखों से कहा, शादी के 16 साल बाद बेटे ने जन्म लिया था। 6 साल के इकलौते बेटे से वह दिन में 10-10 बार फोन कर बातें करते थे। अब मैं बेटे को क्या जवाब दूंगी। उसे अब भी अपने पिता का इंतजार है। उन्होंने सवाल किया, जम्मू-कश्मीर में जवान ही क्यों शहीद हो रहे हैं? अधिकारी और मंत्रीगण क्यों नहीं अपने सीने पर गोली खाते। मुझे इसका उत्तर चाहिए।

राजस्थान सरकार ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए प्रदेश के जवानों के आश्रितों के लिए सहायता की घोषणा की है। इनमें शहीद के परिजनों को 25 बीघा जमीन, हाउसिंग बोर्ड का मकान या 25 लाख रुपए नकद देना भी शामिल है। इससे पहले शहीदों को शुक्रवार दोपहर शासन सचिवालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धांजलि दी गई।