इंटरनेशनल मोनेटरी फंड की चीफ इकोनॉमिस्ट बनी गीता गोपीनाथ

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गीता गोपीनाथ
गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath)

मैसूर में जन्मी इंडियन-अमेरिकन अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ (Gita Gopinath) इंटरनेशनल मोनेटरी फंड की चीफ इकोनॉमिस्ट (International Monetary Fund Chief Economist) बन गई हैं. महिलाओं के लिए यह खुश खबरि है क्योंकि इस पद से जुड़ने वाली वह पहली महिला हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) के डायरेक्टर पद पर रहे मौरीस (मौरी) ऑब्स्टफेल्ड ने रिटायरमेंट से पहले ही 1 अक्टूबर 2018 को गीता गोपीनाथ के इस पद की घोषणा कर दी थी.

गीता गोपीनाथ IMF की 11वीं चीफ इकोनॉमिस्ट बनीं हैं. गीता अभी तक हार्वर्ड विश्विद्यालय में प्रोफेसर रहीं. आईएमएफ (IMF) की प्रबंध निदेशक क्रिस्टीन लेगार्ड का कहना है कि, ‘ गीता गोपीनाथ दुनिया की बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. उनके पास उम्दा शैक्षणिक योग्यता के साथ व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी है.’

गीता गोपीनाथ कौन है?
कर्नाटक के मैसूर शहर में गीता गोपीनाथ का जन्म हुआ. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिस्ट से एमए की डिग्री ली. बाद में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से भी एमए किया. इसके बाद साल 2001 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में पीएचडी की. 2018 से शिकागो यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर काम करना शुरू किया. इसके बाद साल 2005 से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया.

गौरतलब है कि इंटरनेशनल मोनेटरी फंड (IMF) की शुरुआत 27 दिसंबर 1945 से हुई. इसका हेडक्वाटर वॉशिंगटन, डी.सी. में है. अभी तक कोई भी महिला मुख्य अर्थशास्त्री के पद पर नहीं जुड़ी. ऐसा पहली बार है जब भारत में जन्मी गीता गोपीनाथ इस पद को संभालने जा रही हैं.

महिलाओं के लिए प्रेरणा
गीता गोपीनाथ की इस उपलब्धि से भारतीय ही नहीं विश्व की सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा मिलेगी तथा दकियानुशी बातों पर भी विराम लगेगा जो बोलते थे की महिलाएँ उच्च पदों पर नहीं पहुँच पाती साथ ही भारत की की महिलाओं की पहचान भी देश विदेश में बढ़ेगी क्योंकि गीता की ज्यादातर शिक्षा भी भारत में ही हुई है .