चंद्रग्रहण 2019: गर्भवती महिलाए हो सकती हैं प्रभावित, ध्यान रखें यह बातें….

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सोमवार 21 जनवरी को साल 2019 का सबसे बड़ा चंद्रग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार यह ग्रहण दिन के समय होगा इसलिए यहां पर दिखाई नहीं देगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव अवश्य पड़ेगा।

गर्भवती महिलाए होंगी ग्रहण से प्रभावित
किसी भी ग्रहण का सबसे ज्यादा असर गर्भवती महिलाओं पर होता है। क्योंकि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बहुत ज्यादा फैली रहती है। ग्रहण काल के समय ज्योतिषाचार्यों द्वारा गर्भवती स्त्रियों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जाती है। यदि ज्यादा आवश्यक कार्य हो तो बाहर निकलने से पहले गर्भ पर चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप कर लें। इससे गर्भ में पल रहे शिशु पर ग्रहण का प्रभाव नहीं पड़ेगा। ग्रहण काल के वक्त यदि खाना जरूरी हो तो सिर्फ खानपान की उन्हीं वस्तुओं का सेवन करें जिनमें सूतक लगने से पहले तुलसी पत्र या कुशा डला गया हो। गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान चाकू, छुरी, ब्लेड, कैंची जैसी काटने की किसी भी वस्तु का उपयोग न करें। इससे गर्भ में पल रहे शिशु के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। इस दौरान सुई धागे का प्रयोग भी खराब है। ग्रहण काल के दौरान ज्यादा से ज्यादा भगवान का नाम लेवें।

ग्रहण का समय
21 जनवरी को सुबह 09:03:54 से 12:20:39 तक चंद्र ग्रहण रहेगा।

 

ग्रहण काल में सावधानी रखने योग्य बातें-
ग्रहणकाल में निंद्रा को त्याग देवे। वृद्ध, रोगी, बच्चे और गर्भवती स्त्रियां आवश्यकता के अनुसार सो सकती हैं। ग्रहण के समय में अन्न, जल ग्रहण नहीं करना चाहिए। ग्रहणकाल में यात्रा भी नहीं करनी चाहिए, दुर्घटनाएं होने की संभावना रहती है। ग्रहणकाल में स्नान नहीं करना चाहिए। ग्रहण हो जाने के बाद स्नान करें। ग्रहण को खुली आंखों से न देखें। वैसे चंद्र ग्रहण देखने से आंखों पर कोई बुरा असर नहीं होता।ग्रहणकाल के समय गुरु प्रदत्त मंत्र का जाप करते रहना चाहिए।